आज हम आपको राजस्थान के लोक देवता रामदेवजी के बारें में विस्तार से बताएगे। राजस्थान प्रदेश वीरों-पीरों की धरती रही है। इस धरती पर जिन लोगो ने मानव जीवन उत्थान के लिए कर्म-धर्म से बहुत कार्य किया वे महापुरूष देवता तुल्य थे तथा कालान्तर में लोक देवता के रूप में पूजित हुए। तो आइये जाने लोकदेवता रामदेवजी के बारे में।
❑ रामदेव जी का जन्म स्थान उंडू कश्मीर शिव तहसील बाड़मेर में 1405 में हुआ।
❑ रामदेव जी के पिता का नाम अजमल जी था।
❑ रामदेव जी की माता का नाम मैणा दे था।
❑ रामदेव जी की पत्नी का नाम नेतल दे जिसे निहाल दे कहा जाता है जो अमरकोट पाकिस्तान की थी।
❑ रामदेव जी की सवारी लीला घोड़ा हैं ।
❑ रामदेव जी की उपाधि पीरों का पीर है जिसे मक्का के पीरों ने दी
❑ रामदेव जी कृष्ण का अवतार माने जाते हैं
❑ रामदेव जी के भाई का नाम वीरम है जो बलराम का अवतार कहलाता है
❑ रामदेव जी के चमत्कार पर्चा कहलाते हैं ।
❑ रामदेव जी को कुष्ठ रोग का निवारक देव कहा जाता है।
❑ रामदेवजी एकमात्र ऐसे लोग देवता हैं जिन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध किया इस कारण इनके पगल्ये पूजे जाते हैं।
❑ एकमात्र ऐसे लोग देवता जो कवि थे इन्होंने अपने उपदेश 24 वाणिया नामक ग्रंथ में दिए जिसे बाबा की पर्ची कहा जाता है।
❑ लोक देवता रामदेव जी ने पोकरण के निकट सातलमेर नामक स्थान पर भैरव राक्षस की हत्या की।
❑ रामदेव जी ने निम्न वर्ग के लोगों के उत्थान हेतु कामड़ीया पंथ की स्थापना की ।
महत्वपूर्ण शब्दावली
❑ रामदेव जी की जागरण को जमा कहते हैं।
❑ रामदेव जी की जागरण में गाए जाने वाले गीत ब्यावले कहलाते हैं।
❑ रामदेव जी की जागरण में कलाकार रिखिया कहा जाता है रामदेव जी का मेघवाल जाति का भक्त भी रिखिया कहलाता है।
❑ रामदेव जी की धज्जा को नेजा कहते हैं जो पचरंगी होती है या सफेद होती है।
❑ रामदेव जी की यात्रा के पैदल यात्री जातरू कहलाते हैं
❑ रामदेव जी की कसम आन कहलाती है।
❑ रामदेव जी के पगलिया रखने का स्थान ताख/आलिया कहलाता है।
❑ रामदेव जी के पुजारी को गोड़ला कहते हैं
❑ रामदेव जी का छोटा मंदिर देवरा कहलाता है।
❑ वर्तमान में भारत के सबसे बड़े लोक देवता रामदेव जी हैं जिनके प्रमुख मंदिर
1.खुंडियास -अजमेर
2.किराटिया-पाली
3. सुरता खेड़ा-चित्तौड़गढ़
4.नापासर-बीकानेर
5.कठौती-नागौर
❑ रामदेव जी का एक अन्य मंदिर मसूरिया पहाड़ी पर है इसी स्थान पर रामदेव जी के गुरु बालीनाथ जी की गुफा स्थित है।
❑ रामदेव जी ने पोकरण कस्बा अपनी बहन सुगना बाई को दहेज में दिया ।
❑ सुगना का विवाह पूंगलगढ़ बीकानेर के शासक विजय सिंह के साथ हुआ।
❑ रामदेव जी ने रुणिचा की स्थापना की रामदेव जी मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से भाद्रपद शुक्ल एकादशी तक भरता है ।
❑ रामदेव जी के मेले का मुख्य आकर्षण तेरहताली नृत्य हैं ।
❑ रामदेव जी की फड़ का वाचन करते समय रावण हत्था वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं ।
❑ रामदेव जी की धर्म बहन डाली बाई मेघवाल थी ।
❑ रामदेव जी ने विक्रम संवत 1458 भाद्रपद शुक्ल एकादशी राम सरोवर के किनारे रुणिचा में जीवित समाधि ली इन से एक दिन पहले ही उनकी धर्म बहन डाली बाई ने जीवित समाधि ली ।
❑ रामदेव जी के प्रमुख सहयोगी रत्ना रायका तथा हरजी भाटी थे।
❑ सभी लोग देवताओं में सबसे लंबा लोकगीत रामदेव जी का है ।
❑ लोक देवता रामदेव जी मुसलमानों में रामसापीर व हिंदुओं में कृष्ण अवतार में पूजे जाते हैं।

Social Plugin